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पेड़ो को बचाने की नई मुहिम, बनारस में नारियल के खोपरे से होगा अंतिम संस्कार

कोयम्बतूर की ‘Kasi Pasumai Yatra’  संस्था ने पर्यावरण को बचाने की नई शुरआत की हैं…इस मुहिम के तहत धर्मनगरी काशी में नारियल के खोपरों से अंतिम संस्कार की व्यवस्था की जाएगी….


दरअसल बनारस के गंगा तट पर हर रोज़ लगभग 800 शवों का अंतिम संस्कार किया जाता है, जिसमें 280 टन लकड़ियां लगती हैं. …इनके लिए हर साल लाखों की संख्या में पेड़ काटे जाते है…
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यदि शव जलाने के लिए नारियल के खोपरों का प्रयोग हो तो हर शव को जलाने के लिए मात्र 50 किग्रा नारियल के खोपरों की जरूरत होगी….
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लेकिन इस मुहिम के शुरु होने से न केवल प्रसाद में नारियल चढ़ाने के बाद होने वाले कूड़े से निजात मिलेगी… बल्कि हर साल 5 लाख पेड़ों का जीवन भी बचाया जा सकेगा….
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इसके संस्थापक R Nithyanandam ने पहले नारियल के छिलकों को  जलाने को सोचा था…लेकिन  फिर उन्होंने तय किया कि वो इन छिलकों का पाउडर बनायेंगे…फिलहाल . बनारस के लिए 140 टन नारियल के छिलकों का पाउडर भेजा जा चुका है…..
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